आज हम बात करेंगे उस महान वैज्ञानिक की, जिसने पूरी दुनिया की सोच बदल दी।
यह कहानी है अल्बर्ट आइंस्टाइन की – विज्ञान के जीनियस की, जिसके दिमाग में ब्रह्मांड के रहस्य थे, लेकिन जिसका दिल प्यार और पछतावे की उलझनों से भरा था।
आज हम उसकी अनसुनी दास्तान सुनेंगे – जिसमें विज्ञान है, प्यार है, जिद है, दूरियां हैं और गहरा पछतावा भी।
शुरुआत – जन्म और बचपन
अल्बर्ट आइंस्टाइन का जन्म चौदह मार्च अठारह सौ उन्यासी को जर्मनी के उल्म नामक शहर में हुआ। उनके पिता हरमन आइंस्टाइन एक मझोले इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे और मां पौलीन एक पढ़ी-लिखी, संगीतप्रेमी महिला थीं।